
Queridos amigos, aquí les comparto 54 ईश्वर की विश्वसनीयता को याद रखने के बारे में बाइबल के श्लोक, que creo les ayudarán a comprender este tema. Porque aquí en todos los versículos bíblicos que he compartido hay algunos versículos que están directamente relacionados con este tema de la Biblia.
Aquí podrás ver estos versículos en un estilo de coloración muy hermoso. Que puedes compartir con tus amigos y familiares tomando una captura de pantalla.
Espero que puedas aprender algo de este tema hoy. Vayamos ahora a los versículos bíblicos. Que Dios los bendiga abundantemente, gracias.
“इसलिये जान रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा ही परमेश्वर है, यह विश्वासयोग्य ईश्वर है; जो उससे प्रेम रखते और उसकी आज्ञाएँ मानते हैं उनके साथ वह हज़ार पीढ़ी तक अपनी वाचा का पालन करता, और उन पर करुणा करता रहता है”
— व्यवस्थाविवरण 7:9
“व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा।”
— यहोशू 1:8
““सुनो, मैं तो अब सब संसारियों की गति पर जानेवाला हूँ, और तुम सब अपने अपने हृदय और मन में जानते हो, कि जितनी भलाई की बातें हमारे परमेश्वर यहोवा ने हमारे विषय में कहीं उनमें से एक भी बिना पूरी हुए नहीं रही; वे सब की सब तुम पर घट गई हैं, उनमें से एक भी बिना पूरी हुए नहीं रही।”
— यहोशू 23:14
“इसलिये अब तुम खड़े रहो, और मैं यहोवा के सामने उसके सब धर्म के कामों के विषय में, जिन्हें उसने तुम्हारे साथ और तुम्हारे पूर्वजों के साथ किया है, तुम्हारे साथ विचार करूँगा।”
— 1 शमूएल 12:7
“उसके किए हुए आश्चर्यकर्म, उसके चमत्कार और न्यायवचन स्मरण करो।”
— 1 इतिहास 16:12
“तेरे नाम के जाननेवाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तू ने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया।”
— भजन संहिता 9:10
“जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करुणा और सच्चाई हैं।”
— भजन संहिता 25:10
“आहा, तेरी भलाई क्या ही बड़ी है जो तू ने अपने डरवैयों के लिये रख छोड़ी है, और अपने शरणागतों के लिये मनुष्यों के सामने प्रगट भी की है।”
— भजन संहिता 31:19
“हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूँगा।”
— भजन संहिता 42:5
“हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूँगा।”
— भजन संहिता 42:11
“परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।”
— भजन संहिता 46:5
“मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूँगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीनकालवाले अद्भुत कामों का स्मरण करूँगा।”
— भजन संहिता 77:11
“उन्हें हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगे, परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से, यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ्य और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगे।”
— भजन संहिता 78:4
“जिससे वे परमेश्वर का भरोसा रखें, और परमेश्वर के बड़े कामों को भूल न जाएँ, परन्तु उसकी आज्ञाओं का पालन करते रहें”
— भजन संहिता 78:7
“मैं यहोवा की सारी करुणा के विषय सदा गाता रहूँगा; मैं तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बताता रहूँगा।”
— भजन संहिता 89:1
“हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।”
— भजन संहिता 103:2
“उसके किए हुए आश्चर्यकर्म स्मरण करो, उसके चमत्कार और निर्णय स्मरण करो”
— भजन संहिता 105:5
“लोग यहोवा की करुणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण, जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें”
— भजन संहिता 107:8
“उसने अपने आश्चर्यकर्मों का स्मरण कराया है; यहोवा अनुग्रहकारी और दयावन्त है।”
— भजन संहिता 111:4
“यहोवा के डरवैये कहें, उसकी करुणा सदा की है।”
— भजन संहिता 118:4
“हे यहोवा, मैं ने तेरे प्राचीन नियमों को स्मरण करके शान्ति पाई है।”
— भजन संहिता 119:52
“मुझे प्राचीनकाल के दिन स्मरण आते हैं, मैं तेरे सब अद्भुत कामों पर ध्यान करता हूँ, और तेरे काम को सोचता हूँ।”
— भजन संहिता 143:5
“उस दिन तुम कहोगे, “यहोवा की स्तुति करो, उससे प्रार्थना करो; सब जातियों में उसके बड़े कामों का प्रचार करो, और कहो कि उसका नाम महान् है।”
— यशायाह 12:4
“जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए है, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।”
— यशायाह 26:3
“मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ; मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्भाले रहूँगा।”
— यशायाह 41:10
“यहोवा जो समुद्र में मार्ग और प्रचण्ड धारा में पथ बनाता है”
— यशायाह 43:16
“प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से हैं, क्योंकि परमेश्वर मैं ही हूँ, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूँ और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।”
— यशायाह 46:9
““तू ने सुना है, अब इन सब बातों पर ध्यान कर; और देखो, क्या तुम उसका प्रचार न करोगे? अब से मैं तुझे नई नई बातें और ऐसी गुप्त बातें सुनाऊँगा जिन्हें तू नहीं जानता।”
— यशायाह 48:6
“परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसी लिये मुझे आशा है”
— विलापगीत 3:21
“प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान् है।”
— विलापगीत 3:23
““क्योंकि मैं यहोवा बदलता नहीं; इसी कारण, हे याक़ूब की सन्तान तुम नष्ट नहीं हुए।”
— मलाकी 3:6
“‘हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।”
— मत्ती 6:11
“और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ : और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदा तुम्हारे संग हूँ।””
— मत्ती 28:20
“यीशु ने उस को उत्तर दिया, “परमेश्वर पर विश्वास रखो।”
— मरकुस 11:22
“कि हमारे बाप–दादों पर दया करके अपनी पवित्र वाचा का स्मरण करे”
— लूका 1:72
“परन्तु सहायक अर्थात् पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।”
— यूहन्ना 14:26
“और न अविश्वासी होकर परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर संदेह किया, पर विश्वास में दृढ़ होकर परमेश्वर की महिमा की”
— रोमियों 4:20
“परमेश्वर सच्चा है, जिसने तुम को अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया है।”
— 1 कुरिन्थियों 1:9
“हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता और सब प्रकार की शान्ति का परमेश्वर है।”
— 2 कुरिन्थियों 1:3
“इसलिये जो विश्वास करनेवाले हैं, वे विश्वासी अब्राहम के साथ आशीष पाते हैं।”
— गलातियों 3:9
“हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो कि उसने हमें मसीह में स्वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आत्मिक आशीष दी है।”
— इफिसियों 1:3
“इसलिये हे भाइयो, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, अर्थात् जो भी सद्गुण और प्रशंसा की बातें हैं उन पर ध्यान लगाया करो।”
— फिलिप्पियों 4:8
“हम तुम्हारे लिये नित्य प्रार्थना करके अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात् परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं”
— कुलुस्सियों 1:3
“हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर, जिसने हम से प्रेम रखा और अनुग्रह से अनन्त शान्ति और उत्तम आशा दी है”
— 2 थिस्सलुनीकियों 2:16
“विश्वास की अच्छी कुश्ती लड़; और उस अनन्त जीवन को धर ले, जिसके लिये तू बुलाया गया और बहुत से गवाहों के सामने अच्छा अंगीकार किया था।”
— 1 तीमुथियुस 6:12
“इस कारण मैं इन दु:खों को भी उठाता हूँ, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस पर मैं ने विश्वास किया है, जानता हूँ; और मुझे निश्चय है कि वह मेरी धरोहर की उस दिन तक रखवाली कर सकता है।”
— 2 तीमुथियुस 1:12
“आओ हम अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामे रहें, क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा की है, वह सच्चा है”
— इब्रानियों 10:23
“तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है उसी पर सन्तोष करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, “मैं तुझे कभी न छोड़ूँगा, और न कभी तुझे त्यागूँगा।””
— इब्रानियों 13:5
“हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, जिसने यीशु मसीह के मरे हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया”
— 1 पतरस 1:3
“अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दु:ख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्त करेगा।”
— 1 पतरस 5:10
“इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है उसमें बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूँगा।”
— 2 पतरस 1:12
“यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।”
— 1 यूहन्ना 1:9
“अब जो तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है, और अपनी महिमा की भरपूरी के सामने मगन और निर्दोष करके खड़ा कर सकता है”
— यहूदा 1:24
“वे मेम्ने के लहू के कारण और अपनी गवाही के वचन के कारण उस पर जयवन्त हुए, और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहाँ तक कि मृत्यु भी सह ली।”
— प्रकाशितवाक्य 12:11